गुलाबचन्द गोठवाल

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गुलाबचन्द गोठवाल

श्री गुलाबचन्द का जन्म एक अगस्त 1916 को जयपुर में ही मीणा जाति के गोठवाल गोत्र में हुआ l घाटगेट जयपुर में आपका परिवार वर्षों से रहता आ रहा है l मध्यमवर्गीय परिवार होने पर भी आपकी अध्ययन में सदा से ही रूचि रही l फलस्वरूप आपने 1939 में आगरा विश्वविधालय से स्नातक की उपाधि प्राप्त की l मीणा समाज में आप प्रथम व्यक्ति जिसने स्नातक की उपाधि प्राप्त की l इसके बाद जयपुर राज्य के रेवेन्यू विभाग में खजांची के पद पर 1939-42 तक आसीन रहे l इसके बाद आप त्यागपत्र देकर ‘राजस्थान टेक्सटाइल्स मिल्स एसोसिएशन’ दुर्लभ भवन एम.आई. रोड में कार्यालय अधीक्षक का कार्य करने लगे l इस पद पर रहते हुए आप समाज से बराबर जुड़े रहे l मुनि मगन सागर जी महाराज के संपर्क में आने के बाद आप समाज सुधार के कार्य में लग गए l

उस समय मीणा समाज पर जरायम पेशा कानून की तलवार लटकी हुई थी l राज्य सेवा में रहते हुए आप इस अमानवीय नृशंस कानून का विरोध नहीं कर सकते थे l जयपुर रियासत के माल विभाग के खचांजी के पद से त्याग पत्र देकर इस काले कानून के विरुद्ध स्वतंत्रता सेनानी श्री लक्ष्मीनारायण झरवाल के साथ ताल ठोक कर के खड़े हो गये l श्री झरवाल के प्रभाव से आप नागरिक अधिकारों की प्राप्ति के लिए प्रजामंडल के कार्यों से बराबर जुड़े रहे l सामंतवाद व जागीर प्रथा के आप कट्टर विरोधी रहे और श्री झरवाल के साथ प्रजामंडल के अधिवेशनों में भाग लेते रहे l उच्च शिक्षा प्राप्त होने से आप सामन्तशाही का प्रभावशाली ढंग से विरोध कर सके l जयपुर मीणा सुधार समिति के कर्णधारों में आपका विशेष स्थान है l आपने बहुत ही निष्ठा व सच्चाई से सुधार समिति के आय-व्यय विवरण का निरीक्षण करते रहे l

शिक्षित होने से स्वयं अंधविश्वासों से दूर रह कर सामाजिक कुरीतियों को दूर करने में लगे रहे l जाति-सुधार में आपका कार्य बहुत ही प्रशंसनीय है l समय-समय पर मेले में गाये जाने वाले अश्लील गाने व नाच कूद का विरोध करते रहे l मीणा सुधार समिति को अनेक अधिवेशनों में आप सदा उपस्थित रहे और अपने महत्वपूर्ण सुझावों से मीणा सुधार समिति को लाभान्वित करते रहे l मीणा जाति के मुक्ति संग्राम में आपके योगदान को सदा याद किया जाता रहेगा l वृद्धावस्था में रोग ग्रस्त रहने पर भी आप समाज की उन्नति के लिए प्रयासरत हैं l

संदर्भ