सुन्दरलाल जेफ

From meenawiki
Jump to: navigation, search
सुन्दरलाल जेफ

श्री सुन्दरलाल जेफ संत स्वभाव के कर्तव्यनिष्ठ माननीय गुणों से परिपूर्ण श्री सुन्दरलाल जेफ का जन्म जयपुर जिले के आमेर ग्राम के निकट कुंडाग्राम में 1910 ई. में हुआ l आपके पिता जी बहुत ही सात्विक प्रकृति के थे l पशुपालन के साधारण व्यवसाय ही इनकी जीविका का साधन था l ऐसी स्थिति में बालक सुन्दरलाल की उच्च शिक्षा का तो कोई प्रशन ही नहीं था l परन्तु इस मेधावी बालक के हृदय में पढ़ने लिखने की बड़ी रूचि थी l गायें चराते समय अपने स्लेट पेंसिल साथ ले जाते थे और दिन भर लिखने में लगे रहते थे l इस प्रसंग में ईश्वरचंद्र विध्यासागर व मुनि मगर सागर जी महाराज का स्मरण किये बिना नहीं रहा जाता जिन्होंने अत्यन्त निर्धनता व अभावों में अध्ययन के प्रति रूचि निरंतर बनाये रखी l परिणाम यह निकला की वे एक आदर्श पुरुष सिद्ध हुए l श्री सुन्दरलाल को भी विध्या के प्रति उनकी उत्कंठा को देखकर उपयुक्त महापुरुषों की श्रेणी में निर्विवाद रूप से रख सकते हैं l

अपनी योग्यता बढ़ाकर आप 1926 ई. में जयपुर राज्य की पुलिस सेवा में आये l इसी बीच आप मीणा समाज के इतिहासकार जैन संत मुनि मगर सागर जी के संपर्क में आये l उनकी प्रेरणा से आपको यह आत्मबोध हुआ कि दुर्गुण अज्ञान रूपी अँधेरे में फैलते हैं, ज्ञान रूपी प्रकाश में अवगुण लुप्त हुए बिना नहीं रहते l मनुष्य जैसी संगति में रहेगा वैसा ही उसका निर्माण होगा l

संदर्भ